Posts

Showing posts with the label ADVOCATE SUNIL

उच्च्तम न्यायालय में सामंजस्य की कमी

Image
जनवरी 2017 से लेकर अब तक उच्चतम न्यायालय की अलग-अलग पीठों ने कुछ ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। इसी दौरान न्यायालय के इतिहास में कुछ अप्रत्याशित घटनाएं भी हुई हैं। सात न्यायाधीशों की पीठ ने उच्च न्यायालय के एक न्यायाधीश को उच्चतम न्यायालय की अवमानना के लिए कारावास का दंड दिया। उच्चतम न्यायालय के ही चार वरिष्ठतम न्यायाधीशों ने मुख्य न्यायाधीश की कार्यप्रणाली के विरुद्ध प्रेस काँफ्रेंस करके इसे जनता के सामने उजागर कर दिया। इन घटनाओं से चाल्र्स डिकेन्स की पुस्तक ‘ए टेल ऑफ टू सिटीस्’ की कुछ पंक्तियां याद आ जाती हैं, जिसमें वे लिखते हैं : ‘‘वह सबसे अच्छा समय था, वह सबसे बुरा समय था, वह चेतना का काल था, वह जड़ता का काल था। वह उम्मीद का बसंत था, वह निराशा का शीत था।’’ जेरेमी बैंथम, 18वीं शताब्दी के न्याय और राजनीतिक सुधारक थे। वे ‘अधिनियमित कानून’ के प्रबल समर्थक और ‘न्यायाधीश द्वारा बनाए गए कानून’ के पक्के विरोधी थे। उन्होंने अपने देश के उच्चतम न्यायालय को ‘जज एण्ड कम्पनी’ जैसा नाम दे रखा था। मशहूर बैरिस्टर डेविड पैनिक क्यू सी ने न्यायाधीशों पर अपनी पुस्तक में लिखा है : ‘‘जिस प्रकार से जज एण्ड...